मार्केट लिमिट क्या होता है 

स्टॉक का प्राइस कितना ऊपर जा सकता है या फिर कितना नीचे जा सकता है एक्सचेंज एक लिमिट लगा देता है इसे ही सर्किट लिमिट कहते हैं  

मार्केट सर्किट क्या होता है 

जब स्टॉक का प्राइस ऊपर जाता है तो एक लिमिट के बाद स्टॉक रुक जाता है जिसे हम अपर सर्किट बोलते हैं और जब स्टॉक का प्राइस नीचे जाता है तो एक लिमिट के बाद स्टॉक रुक जाता है जिसे हम लोअर सर्किट कहते हैं  

6 शेयर में बदलाव

स्टॉक एक्सचेंज में 6 शेयर की लिमिट में बदलाव किया हुआ है। अक्सर ये बदलाव स्टॉक की अनिश्चित मूवमेंट के कारण किया जाता है  

पहला स्टॉक

पहला स्टॉक है Hariyana Ship Breakers Ltd, के सर्किट में बदलाव किया गया है यह 20% से घटकर 10 फीसदी कर दिया गया है। एक हफ्ते में 30 फीसदी बढ़ गया है  

दूसरा स्टॉक

दूसरी कंपनी HB Stockholdings Ltd है जिसका सर्किट 20 फीसदी से घटकर 10 फीसदी कर दिया गया है। तीन साल में 1200 फीसदी का रिटर्न दिया है। 

तीसरा  स्टॉक

तीसरी कंपनी DRC Systems India Ltd है इसका भी सर्किट घटकर 20 फीसदी से 10 फीसदी कर दिया गया है एक हफ्ते में 70 फीसदी का रिटर्न दिया है। 

चौथा  स्टॉक

चौथा स्टॉक है Premier Synthetics जिसका सर्किट 10 फीसदी से घटकर पांच फ़ीसदी कर दिया गया है यह एक हफ्ते में 30 फीसदी टूटा है । 

पाचवां  स्टॉक

पांचवा स्टॉक है Sharp Investments Ltd इसका सर्किट दस फीसदी से घटकर पांच फ़ीसदी कर दिया गया है यह शेयर अब तक की 60 फ़ीसदी टूट चुका है। 

छठा स्टॉक

छठा स्टॉक है Mish Designs जिसका सर्किट 5 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी कर दिया गया है। एक हफ्ते में 1 फीसदी टूटा है। 

अक्सर सर्किट में बदलाव स्टॉक के अधिक ऊपर जाने या अधिक नीचे जाने के कारण किया जाता है।