Jio Financial Services Ltd की धमाकेदार वापसी – क्या है शेयर के बढ़ने की वजह?

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN); जिओ फाइनेंशियल सर्विस का वैल्यूएशन अधिक होने कारण जो उसके स्टॉक थे वह 6 महीने से लगातार गिर रहे थे और अभी हाल ही में जिओ फाइनेंशियल सर्विस के अच्छे परफॉर्मेस न्यूज़ के कारण शेयर के प्राइस में अच्छी खासी वृद्धि देखी गई है। 

पिछले सेशन की बात करें तो जिओ फाइनेंशियल सर्विस की प्राइस ने 2.53% की ग्रोथ दर्ज की थी और उसका लेटेस्ट प्राइस 226.85 हो गया था, और 5 दिन में जिओ फाइनेंशियल सर्विस ने 4.01% की वृद्धि दर की है वही एक महीने की बात करें तो 1.77% की वृद्धि दर की है लेकिन ओवरऑल अभी भी शेयर जो है डाउनवार्ड में है जो की 8.16% है। यानी शेयर अभी भी अपने हाई से 8.16% काम है। लेकिन आने वाले समय उम्मीद है यह भी पूरा हो जाएगा।

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) News

जैसे ही जिओ फाइनेंशियल सर्विस ने आरबीआई में अपनी रिक्वेस्ट डाली कि वह एनबीएफसी से CIC (Core Investment Companies) में कन्वर्ट होना चाहती है वही उसके शहर में वृद्धि देखने को मिलने लगी। और दूसरा इसमें की गयी बड़ी डीलिंग है। नीचे हम बेहद आसान तरीके से समझेंगे की CIC क्या है और Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) में ब्लाक डीलिंग क्या हुयी है।

लेकिन इससे पहले हम ये तो समझे ले की आखिर Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) के शेयर में गिरावट क्यों अ रही थी।  

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) के शेयर क्यों गिर रहे थे?

पहला तो ये था कि Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) ओवर वैल्यूड लिस्ट हुआ था इसका मतलब ये है की Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) के शेयर ओवर वैल्यूड थे जिससे कारण लिस्ट के बाद ही शेयर में गिरवट जारी हो गयी और दूसरा कारण RBI की news थी।

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN)
Jio Financial Services Ltd (JIOFIN)

हम आपको बता दें कि जहां एक तरफ एनबीएफसी (NBFC) में काफी ग्रोथ दिखाने को मिलती है वही उसको आरबीआई की रूल्स और रेगुलेशन को भी काफी स्ट्रिक्टली फॉलो करना पड़ता है अगर आप आरबीआई के रूल्स को ठीक तरह से फॉलो नहीं करते हो तो RBI की तरफ से काफी पेनल्टी और बैन होने का सामना भी करना पड़ता है, जिसकी वजह से कामकाज में काफी इफेक्ट पड़ता है। अ जब भी RBI की तरफ से कोई भी गुइड लाइन आती है तो उसका सीधा असर NBFC कंपनी के शेयर में देखने को मिलता है ।

अब जैसे कि अभी हाल ही में आरबीआई ने एक गाइडलाइन जारी किया था जिसमें यह बताया था कि उसने लेंडिंग रेट बढ़ाने की बात हुई थी। जिसमे क्या कहा गया था कि जो भी लोन एनबीएफसी (NBFC) कंपनी यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी लोन देगी तो वह लोन का रेट अधिक होंगे लगभग ये 0.30% से 0.40% अधिक होगा, जिससे क्या होगा कि कस्टमर जो रहेगा वो लोन कम लेगा जिसे एनबीएफसी को प्रॉफिट होने का चांस कम रहेंगे। ये भी एक वजह हो सकती है Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) के शेयर के प्राइस के घटने के।

क्या कारण है Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) के शेयर बढ़ रहे है?  

पहला कारण Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) के शेयर के बढ़ने की, कि जिओ फाइनेंशियल सर्विस एक NBFC कम्पनी है यानी कि नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। लेकिन अभी हाल ही में एक न्यूज़ आई थी जिसमें यह बताया गया था कि जिओ फाइनेंशियल सर्विस जो है वह NBFC से CIC में कन्वर्ट होना चाह रही है। तो इस कंडीशन में जिओ फाइनेंशियल सर्विस को अधिक कामकाज मिल सकता है मुकाबले में एनबीएससी (NBFC) के। आगे हम देखेंगे की CIC क्या है।

इसके अलावा दूसरे मार्केट के एक्स्पर्ट का यह भी कहना था कि अभी हाल ही में जामनगर यूटिलिटीज एंड पावर जो कि रिलायंस इंडस्ट्री का ही एक स्टेप डाउन यूनिट है उसने जिओ फाइनेंशियल सर्विस के 5 करोड़ शेयर खरीदे थे जो की प्राइस 208 से लेकर 211 रुपए तक थे।

दूसरी तरफ जिओ फाइनेंशियल सर्विस यानी कि JFS के एजीएम मुकेश अंबानी ने 28 अगस्त को हुई मीटिंग में यह भी कहा था कि JFS ग्लोबल प्लेयर्स के साथ पार्टनरशिप करेगी और इंश्योरेंस बिजनेस में इंटर करेगी और साथ ही पेमेंट बिजनेस में भी अपनी आफरिंग को टेक्नोलॉजी की मदद से आगे बढ़ाएगी इसके बाद भी मार्केट में जो पॉजिटिव सीमेंट क्रिएट हुए थे।

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NBFC के फायदे और नुक्सान

जहां एक तरफ एनबीएफसी में काफी ग्रोथ दिखाने को मिलती है वही उसको आरबीआई की रूल्स और रेगुलेशन को भी काफी स्ट्रिक्टली फॉलो करना पड़ता है अगर आप आरबीआई के रूल्स को ठीक तरह से फॉलो नहीं करते हो तो RBI तरफ से काफी पेनल्टी और बैन होने का सामना भी करना पड़ता है, जिसकी वजह से कामकाज में काफी इफेक्ट पड़ता है। 

अब देखा जाए तो आरबीआई की यह न्यूज़ आने के बाद जो एनबीएससी कंपनियां है जिसमे Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) शामिल है, उसमें इसका इंपैक्ट देखने को मिल भी रहा है जैसे बजाज फाइनेंस लिमिटेड के शेयर में पिछले सत्र में लगभग 38.6 रुपए की डॉल फॉल देखी गई थी। और वही एक हफ्ते का रिकॉर्ड देखेंगे तो तो लगभग 2.61% की डाउन फॉल देखी गई थी। और वही 6 महीने का देखेंगे तो 6.29% का डाउनफॉल देखने को मिला हुआ है।

अच्छा उनके शेयर में जो डाउनफॉल देखा गया उसमें दो कारण थे पहले तो यही था कि ही कॉम और एमी कार्ड के जरिए जो लोन प्रोवाइड करते थे वह बिल्कुल बैन कर दिया गया था और दूसरा आरबीआई की गाइड लाइन भी हो सकती है।

CIC में क्या होता है?

CIC – JIOFIN

मोटा मोटा समझे तो CIC (Core Investment Companies) वह होती है जो अपने इन्वेस्टर को प्रॉफिट दूसरी कंपनियों के सहारे से देती है मतलब कि वह दूसरी कंपनियों में इन्वेस्ट करती हैं फिर वहां से जो प्रॉफिट होता है वह प्रॉफिट जो है वह अपने इन्वेस्टर को बांटती है इससे क्या होता है कि एनबीएफसी के मुकाबले रिस्क कम रहता है और रिवॉर्ड होने के चांसेस ज्यादा रहते हैं।

RBI की नज़र में CIC Company

आरबीआई के अनुसार CIC यानी कि कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी ऐसी कंपनियां होती है जो कि अपनी असेट्स का निवेश मुख्य रूप से उनकी जो ग्रुप की कंपनियां है उसमें इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर या फिर कन्वर्टिबल बॉन्ड या फिर लोन के रूप में करती हैं और जो उनको उनसे प्रॉफिट मिलता है वह अपने शेयरधारकों में बाटती हैं। इसमें भी काफी conditions है जिसको RBI देखती है जिसे आप नीचे दिए हुए लिंक से समझ सकते है।

RBI Note Reference: https://www.rbi.org.in/commonperson/English/Scripts/FAQs.aspx?Id=836

अब उदाहरण के लिए समझ लेते हैं किसी CIC कंपनी के पास ₹1000 है तो वह ₹1000 दूसरी कंपनी जो अच्छा काम कर रही है उसमें इन्वेस्ट करेंगे उसके बाद उसे जो प्रॉफिट मिलेगा वह अपने इन्वेस्टर को बाटेंगे जिससे उनके रिस्क लेने की प्रोबेबिलिटी कम हो जाती है और रिवॉर्ड होने की प्रोबेबिलिटी अधिक रहती है।

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) के Fundamental कैसे है?

अब अगर जियो फाइनेंशियल सर्विस के फंडामेंटल की बात करें तो कोई खास फंडामेंटल अच्छे नहीं है। ठीक-ठाक है, क्योंकि कंपनी अभी नई लिस्ट हुई है नई ईजाद हुई है तो जाहिर सी बात है फंडामेंटल और कंपनी के सेगमेंट समझने में समय लगेगा, लेकिन फिर भी मोटा मोटी हम देख लेते हैं कि पिछले क्वार्टर से कंपनी का फाइनेंसियल कंडीशन कैसी रही है।

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) का कमाई

कंपनी के फंडामेंटल में नजर डालें तो कंपनी ने पिछले साल यानी कि सितंबर 2022 में 2.95 करोड़ का टोटल रेवेन्यू जनरेट किया हुआ था। उसके बाद पिछले क्वार्टर की अगर बात करें तो 30 जून 2023 में कंपनी ने 214.57 करोड़ रेवेन्यू जेनरेट किया हुआ था। और अब कंपनी ने सितंबर 2023 में  148.90 करोड़ का टोटल रेवेन्यू जेनरेट किया हुआ है। अभी जो रेवेन्यू है वह कोई स्टेबल नहीं है आने वाले समय में साल 2 साल में पूरी स्टेबिलिटी हो सकता है देखने को मिले।

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN)

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) का खर्चा

कंपनी के टोटल खर्च की बात करें तो पिछले साल यानी ने  सितंबर 2022 में टोटल खर्च किए थे वो हैं 0.20 करोड़ उसके बाद पिछले क्वार्टर में यानी की जून 2023 में, कंपनी ने 18.88 करोड़ का टोटल खर्चा किया हुआ है उसके अलावा आपकी सितंबर 2023 में कंपनी ने 25.34 करोड़ का टोटल खर्चा किया हुआ है।

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) का नेट मुनाफा  

जिओ फाइनेंशियल के नेट प्रॉफिट की बात करें तो कंपनी ने पिछले साल यानी की 2022 में सितंबर माह में 2.03 करोड़ का नेट प्रॉफिट क्या हुआ था, उसके बाद पिछले क्वार्टर में यानी की जून 2023 में कंपनी ने 145.47 करोड़ का नेट प्रॉफिट जनरेट किया हुआ था, अब सितंबर 2023 की बात करें तो कंपनी ने 88.76 करोड़ का नेट प्रॉफिट जनरेट किया हुआ है। हालांकि कंपनी कंटिन्यू प्रॉफिट में है लॉस नहीं किया है लेकिन अभी स्टेबिलिटी नहीं है आने से आने वाले समय में जब टीम बन जाएगी सारा कुछ हो जाएगा तो स्टेबिलिटी देखने को जरूर मिलेगी।

कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न पीडीऍफ़ हिंदी (Candle Stick Chart Pattern pdf) HIndi

Jio Financial Services Ltd (JIOFIN) का EPS

इसी तरह ईपीएस का भी यही हाल है जिओ फाइनेंशियल सर्विस का EPS पिछले साल सितंबर 2022 में 3.92 था उसके बाद जून क्वार्टर में काफी बढ़ गया 281.46 हो गया था अब फिर से सितंबर माह में या घटकर 0.14 हो गया यानी कि स्टेबिलिटी नाम की कोई भी चीज अभी नजर नहीं आ रही है आने वाले समय में जरूर देखने को मिलेगी।

निष्कर्ष (Conclusion)

आपको जिओ फाइनेंशियल सर्विस का मोटा माटी सारा कुछ बता चुके हैं टेक्निकल काफी समय से अच्छे नहीं थे शेयर कंटिन्यू गिर रहे थे लेकिन अब जो है जिओ फाइनेंशियल सर्विस के शेयर में स्टेबिलिटी आ चुकी है देखा जाए तो अभी पिछले कुछ सेशन से शेयर के प्राइस कंटिन्यू बढ़ रहे हैं पॉजिटिव न्यूज़ भी आई है जिसके वजह से भी शेयर में इंपैक्ट देखने को मिल रहा है और फंडामेंटल की बात करें तो जिओ फाइनेंशियल सर्विस के फंडामेंटल ठीक-ठाक हैं लॉस मेकिंग कंपनी नहीं है प्रॉफिटेबल ही है ।

लेकिन अभी स्टेबल नहीं है आने वाले समय में जरूर स्टेबल हो जाएगी क्योंकि यह रिलायंस ग्रुप की कंपनी है तो जाहिर सी बात है कुछ धमाकेदार ही करेगी, देखते हैं आगे क्या होता है कंपनी कैसे प्लान बनती है क्या करती है कैसे ग्रोथ करती है जैसा होता रहेगा आपको अपडेट करते रहेंगे आप आसानी से समझने के लिए इस वेबसाइट में विजिट जरूर करते रहा कीजिए।

अब क्वेश्चन यह आता है कि जिओ फाइनेंशियल सर्विस सर्विस में और बाय या सेल करना चाहिए या नहीं करना चाहिए।  देखिए कोई भी एक्सपर्ट होता है उसका काम होता है सारी चीज आपके सामने रखना। हमने सारी चीज आपके सामने रख दिए हैं। और जैसे न्यूज़ अति रहेगी कोई अपडेट्स आएंगे तो हम आपको है आपको अपडेट करते रहेंगे लेकिन बाइंग और सीलिंग का जो प्लान है वह आपको थोड़ा अपने हिसाब से अपने रिस्क पर और अपनी नॉलेज के अनुसार ही लेना चाहिए ताकि आपको किसी भी शेयर के बारे में डिसीजन लेने में आसानी हो ।

फंडामेंटल ठीक है ठीक-ठाक है टेक्निकल ठीक-ठाक है शेयर के प्राइस कोई ज्यादा नहीं है मेरे हिसाब से, लेकिन फिर भी हम आपको बाइंग या सीलिंग का कोई भी टिप्स नहीं देंगे यह आपका पूरा डिसीजन आपके ऊपर जाता है।

SHORT POST

मेरा नाम M R है और मैं एक शेयर मार्किट एनालिस्ट और ब्लॉगर हूँ. मुझे शेयर बाज़ार के बारे में जानकारी रखना और बताना अच्छा लगता है. मुझे लगभग 7 साल का अकाउंट्स का अनुभव है और लगभग 4 साल से शेयर बाज़ार में एक्टिव हूँ. मैं एक वेबसाइट में लगातार शेयर मार्किट की खबरें, टिप्स, ट्रेंड्स और विश्लेषण अपडेट करता हूँ. मेरा उद्देश्य है कि मैं शेयर मार्किट के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक और शिक्षित करूँ. मेरा ब्लॉग मेरा प्रयास है कि मैं शेयर मार्किट के बारे में अपने विचार, अनुभव और ज्ञान को आपके साथ साझा करूँ. आप मुझे अपने सुझाव, प्रश्न और टिप्पणियाँ भेज सकते हैं. मुझे आपसे सुनने का इंतजार रहेगा

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